*बी.काम. प्रथम वर्ष*
*वित्तीय लेखांकन*
*सुनिल कुमार गुप्ता*
*गैर व्यापारिक संस्थाएं एवं पेशेवर व्यक्ति*
संस्थाएं दो प्रकार की होती है
व्यापारिक संस्थाएं
एवं गैर व्यापारिक संस्थाएं
व्यापारिक संस्थाओं से आशय ऐसी संस्थाओं से है जिनका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है
जबकि गैर व्यापारिक संस्थाओं से आशय ऐसी संस्थाओं से है जिनका मुख्य उद्देश्य से लाभ कमाना नहीं अपितु समाज की सेवा करना होता है।
इसी प्रकार पेशेवर व्यक्तियों से आशय ऐसे व्यक्तियों से हैं जो अपने विशेष ज्ञान, प्रशिक्षण ,योग्यता एंव अनुभव के आधार पर मानसिक क्रियाओं द्वारा धनोपाजर्न करते हैं
*गैर व्यापारिक संस्थाओं को हिसाब किताब रखने की आवश्यकता क्यों होती है*
यह सच है की गैर व्यापारिक संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता
यह किसी भी प्रकार का क्रय विक्रय नहीं करती है
अपितु समाज सेवा का कार्य करती है
इनके लेनदेन प्राय: नगद ही होते हैं
किंतु निम्नलिखित कारणों से इन्हें हिसाब किताब रखने की आवश्यकता होती है
*प्राप्त सदस्यता शुल्क की जानकारी हेतु*
गैर व्यापारिक संस्थानों की आय का मुख्य स्रोत उनके सदस्यों से प्राप्त सदस्यता शुल्क होता है और प्रत्येक सदस्य यह जानना चाहता है की संस्था को कुल सदस्यता शुल्क कितना प्राप्त हुआ हैं
*दान की जानकारी हेतु*
गैर व्यापारिक संस्थाओं की आय का दूसरा महत्वपूर्ण स्रोत प्राप्त दान होता है,और दान दाता यह जानना चाहता है कि संस्था को कुल कितना दान प्राप्त हुआ,और उसके द्वारा दिए गए दान का उपयोग कैसे किया गया
*प्राप्ति भुगतान की जानकारी*
गैर व्यापारिक संस्थाओं को यह जानना आवश्यक है कि उनको किन-किन स्रोतों से कितनी प्राप्तियां हुई है और उन्होंने किन-किन स्रोतों पर कितना-कितना भुगतान किया है
*आय एवं व्यय की जानकारी हेतु*
गैर व्यापारिक संस्थानों में सदस्य होते हैं जो यह जानना चाहते हैं कि एक निश्चित समय अवधि में संस्था को कितनी आय एवं कितने व्यय हुए हैं
*संपत्ति एवं दायित्व की जानकारी हेतु*
गैर व्यापारिक संस्थाओं को इस बात की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है कि उनके पास कितनी संपत्तियों और कितने दायित्व हैं
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